जिस घर पर महिला ख़ुश हैं, उस घर मे समृद्धि रहती है : डॉ. पंचोला

जिस घर पर महिला ख़ुश हैं, उस घर मे समृद्धि रहती है : डॉ. पंचोला

आज दिनांक 08-02-2026 के दिन विराट हिन्दू सम्मेलन ज्ञानसू, मातली द्वारा किया गया जिस कार्यक्रम का शुभारंभ दीपप्रज्वलन के साथ किया गया कार्यक्रम के संयोजक भूपेंद्र सिंह चौहान नगर पालिका अध्यक्ष जी ने कार्यक्रम की रूप रेखा रखा गया, मंच संचालन विजयपाल मखलोगा जी आज के महिला वक्ता डॉ राखी पंचोला जी प्रोफेसर डोईवाला महाविद्यालय मे सेवारत हैं महिलाओ का समाज मे भूमिका, वैदिक समाज मे महिलाओ को बहुत योगदान हैं जिस घर पर महिला ख़ुश हैं उस घर मे समृद्धि रहती हैं, हर वेद मे महिलाओ को घर की रानी हैं न की दासी, जिस घर मे महिला नहीं होंगी वो घर जंगल या अव्यवस्थित रहता हैं गौरव की दृष्टि से महिला संतान की प्रथम गुरू होती हैं, महिला के बिना यज्ञ भी नहीं होता हैं यज्ञ भी अपूर्ण माना जाता हैं आदि कई विषय महिलाओ, और समाज के बीच विषय रखा, महिला अबला नहीं सबला हैं बस ज्ञान की आवश्यकता हैं।

उसके बाद विक्रम चौहान जी विभाग कार्यवाह टिहरी विभाग जी ने अपना विषय रखा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना डॉ केशव राव बलिराम हेडगेवार जी ने विजयदशमी के दिन 1925 मे किया, संघठन का गुरू किसे बनाया तो सबने हेडगेवार को बनाया परन्तु डॉ साहब ने सबको बताया की व्यक्ति के अंदर कब अहंकार आ जाये कब विकार पैदा हो जाये इस लिए परम पवित्र भगवाध्वज को गुरु बनाया, हम सभी का सौभाग्य हैं की हम संघ के 100वे वर्ष को मना रहें हैं कुटुंब परिवार का विषय रखा, तथा साथ ही समाज मे फेल रही जाती व्यवस्था मे देश बंट रहा हे इस लिए एक रहो नेक रहो आदि विषय पर प्रकाश डाला संघ समाज को एक नयी दिशा दें रहा हैं ये कार्यक्रम संघ का नहीं हम सभी हिन्दुओं का हैं, पर्यावरण के बारे मे जानकारी दी की छोटा सा प्रयोग करें की अपने जन्मदिन पर केक मत काटो एक पेड़ जरूर लगाये, तथा स्वदेशी का उपयोग करें, नागरिक कर्तव्य के बारे मे जानकारी दी तथा संघ की जानकारी समाज को दी उसके बाद मुख्यवक्ता आदरणीय व्यास महामाया प्रसाद जी ने भजन से अपना वक़्तव्य शुरू किया बाबा काशी विश्वनाथ की आराधना कर कहा बड़े सौभाग्य का विषय हे की हमारा सनातन धर्म जो आज हे वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का परिश्रम हे ये हम लोग शताब्दी वर्ष मना रहें हे हमें इन से दिल से जुड़ना चाहिए हे इनकी ही शाखा हे बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद, मार्ग अलग हो लक्ष्य एक हैं हमें हिन्दू नहीं सनातनी हिन्दू बनना हैं ह्रदय से, राष्ट्र प्रेम हमेशा होना चाहिए,जहाँ नागणी माता जहाँ रहती हैं वो पर्वत बालखियत पर्वत हैं, ये उत्तरकाशी, भूमि हमारी तीर्थ हैं ये उत्तरकाशी को तीर्थ नगरी के लिए आगे बढ़ो और अपनी जन्म भूमि के लिए लड़ो और किसी बाहरी लोगो को मत दो, अपने बच्चों को सनातन से जोड़ो और सभी लोग अपने घर का नियम बनाओ की पूजा, भजन और भोजन साथ करें, अपनी संस्कृति को अपने बच्चों को सिखाओ, ये देश हाय और बाय का नहीं हैं ये देश प्रणाम करने वालो का हैं, प्रातः काल उठे रघुराई मात पिता शीश नवाई, आदि शब्दो के साथ अपनी वाणी पर रोक लगाई, इसके बाद अध्यक्ष आशीर्वाद स्वामी कुटी स्वामी हरिवेदानंद जी महाराज कहा भारत वर्ष मे ही भगवान ने जन्म लिया कहीं और देश मे नहीं साथ ही वर्तमान मे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी एक अवतार हैं भारत वर्ष के लिये, भारत संस्कृति के लिए, भारत के उथान के लिए संघ का अवतार हैं यहाँ केवल भारत माता की पूजा होती हैंभारत कोई एक धरती का टुकड़ा नहीं यह एक जीता जागता देश हैं माता हैं 100 वर्ष में जो संघ ने कार्य किया वह एक अनुकरणीय अविष्करणीय कार्य है अगर इसका लेखन किया जाए तो एक शास्त्र पूरा बन सकता है आदि कहीं बातों का स्वामी जी ने आशीर्वचन में रखा इसके पश्चात भारत माता की आरती के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया
कार्यक्रम मे समान कार्यक्रम मे
1 -श्री राम भट्ट जी 91साल के बुजुर्ग
2-बाजगी जलम दास जी
3-हीरा जी सफाई कार्यकर्त्ता
4- दीक्षा स्वरोजगार के क्षेत्र
इस कार्यक्रम मे जिला कार्यवाह कमलेश्वर प्रशाद रतूड़ी जी, जिला प्रचार प्रमुख अनूप भंडारी, जिला कुटुंब प्रमुख अरविन्द जी, नगर संघ चालक मोहन जी, सह नगर संघ चालक चतर जी,संदीप जी, ज्ञान चंद जी,काशी जी, अध्यक्ष नगरपालिका भूपेंद्र चौहान जी,विजयपाल मखलोगा जी, देवराज बीष्ट जी, जयवीर जी, विजय संत्री जी, ओमप्रकाश जी, काशी जी,ऋतू राणा जी, सविता भट्ट जी, सचेद्र परमार जी, अजय बडोला जी कृति महर जी आदि कई लोग उपस्थित रहे कुल संख्या कुल 150 रही



