गोपाल विधायक मंदिर में त्रिवेणी प्रदर्शनी, छात्रों ने दिखाया प्रतिभा का हुनर
गोपाल विधायक मंदिर में त्रिवेणी प्रदर्शनी, छात्रों ने दिखाया प्रतिभा का हुनर

गोपाल विधायक मंदिर में त्रिवेणी प्रदर्शनी, छात्रों ने दिखाया प्रतिभा का हुनर
उत्तरकाशी 22 फरवरी : उत्तरकाशी विकास भवन लदाडी स्थित गोपाल विद्या मंदिर में के छात्र -छातों ने त्रिवेणी प्रदर्शनी का भव्य आयोजन में अपने प्रतिभा का हूनर दिखाया है ।
इस प्रदर्शनी में चार प्रमुख अनुभाग थे मौल्यार,(जहाँ परंपराएँ नवाचार से मिलती हैं)
रंगप्रभा, प्रज्ञान और विरासत, जिनमें विज्ञान, कला, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक धरोहर की अद्भुत झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम के बतौर मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख भटवाडी श्रीमती ममता पंवार ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया । इस दौरान उन्होंने कहा कि
प्रदर्शनी का उद्घाटन कर विभिन्न मॉडलों एवं कलाकृतियों का अवलोकन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तार्किक सोच, पर्यावरणीय संवेदनशीलता तथा समस्या-समाधान की क्षमता बढ़ती है। उन्होंने विद्यार्थियों को विज्ञान और कला क नाव्पन से समाजोपयोगी नवाचार करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने विद्यार्थियों की मेहनत की सराहना करते हुए विद्यालय को भविष्य में भी इस तरह के आयोजन करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर नगरपालिका पार्षद श्रीमती वन्दना नौटियाल उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि यह प्रदर्शनी विज्ञान, कला और संस्कृति के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने में सहायक होगी।
वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य विकास सेमवाल ने बताया कि बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार क्षमता तथा कलात्मक सृजनशीलता, अपनी परंपराओं से जोड़ने के लिए को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से त्रिवेणी प्रदर्शनी एवं कला-शिल्प प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया।
इस दौरान उन्होंने सभी आगंतुकों और विशेष अतिथियों का आभार व्यक्त किया और छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और छात्रों के प्रयासों की सराहना की।
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त्रिवेणी प्रदर्शनी में प्रतिभा, परंपरा और विज्ञान का हुआ संगम
प्रदर्शनी में प्रज्ञान, रंगप्रभा, (कल्पना के रंग) जीवंत चित्रकला और शिल्प विरासत (गढ़वाली संस्कृति जीवंत) लोक संगीत, नृत्य, कला और परंपराओं का उत्सव कार्यक्रम विवरण
मौल्यार और विरासत नामक चार अनुभाग शामिल रहे। विज्ञान अनुभाग में जल संरक्षण व सौर ऊर्जा से जुड़े मॉडल प्रदर्शित किए गए, जबकि कला अनुभाग में चित्रकला और हस्तशिल्प ने आकर्षित किया। विरासत अनुभाग में लोक संस्कृति और पारंपरिक शिल्प की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर विद्यार्थियों के प्रयासों की प्रशंसा की। विद्यालय प्रशासन ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
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प्रदर्शनी में बच्चों ने प्रस्तुत किए विज्ञान मॉडल
कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों ने विज्ञान प्रदर्शनी मॉडल प्रस्तुत किए। इनमें इसारो औरईकोसिस्टम, पर्यावरण संरक्षण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सोलर सिस्टम, लूनर एक्लिप्स, सोलर एक्लिप्स, मानव आंख, कान, हृदय एवं किडनी के मॉडल शामिल है।
मौल्यार अनुभाग में स्थानीय औषधीय पौधों की महत्ता पर प्रकाश डाला गया, जबकि विरासत अनुभाग में पारंपरिक लोक नृत्य, हस्तशिल्प और क्षेत्रीय व्यंजनों की झलक देखने को मिली जो विलुप्त के कगार पर है ं।


