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यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने के लिए परिजनों की आखरी उम्मीद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है

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  1. यूक्रेन पर रूस द्वारा हमले लगतार जारी हैं। राजधानी कीव सुबह 7 बड़े धमाकों से दहल गई। लोग रातभर से घरों, सबवे, अंडरग्राउंड शेल्टर में छिपे हुए हैं। खाने-पीने से लेकर रोजाना की जरूरत की चीजों की कमी हो रही है। इस बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया   रूसी सेनाएं रिहाइशी इलाकों को टारगेट कर रही हैं।उन्होंने रूसी नागरिकों से अपील की है कि वे इस जंग के खिलाफ प्रदर्शन करें। वहीं, पश्चिमी यूक्रेन के लीव शहर में हवाई हमले का सायरन सुनाई दिया है। इसके बाद यहां की मेयर ने लोगों को घरों से बाहर न निकलने को कहा है।अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूस का साथ देने वाले देशों को चेतावनी दी है। बाइडेन ने कहा है कि जो देश यूक्रेन पर युद्ध का समर्थन करेंगे, उनके हाथों पर भी खून लगेगा। रूसी हमले में अब तक 137 लोग मारे जा चुके हैं, वहीं 316 घायल हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि दुनिया ने हमें जंग में लड़ने के लिए अकेला छोड़ दिया है। अमेरिका ने ऐलान किया कि वह यूरोप में 7000 एक्स्ट्रा फोर्सेस की तैनाती कर रहा है।अमेरिका ने वाशिंगटन में रूसी एम्बेसी में तैनात हाई लेबल डिप्लोमैट को अपने देश से निकाल दिया है फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फोन किया। इससे पहले भारत, पाकिस्तान, ईरान के राष्ट्राध्यक्ष पुतिन से बात कर चुके हैं।संघर्ष के बीच यूक्रेन कमजोर भले दिख रहा हो, लेकिन उसने हार नहीं मानी है। कीव तक रूसी सेना पहुंचने की खबर के बीच एक नई जानकारी सामने आई है। कहा जा रहा है कि Melitopol शहर पर यूक्रेन की सेना ने फिर से कब्जा कर लिया है। वहीं यूक्रेन ने (IAEA) को जानकारी दे दी है कि चेरनोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र का इलाका अब उसके कंट्रोल में नहीं है।कीव के पास यूक्रेन की सेना ने एक पुल को उड़ा दिया है। ऐसा रूस की सेना को वहां घुसने से रोकने के लिए किया गया है। हालांकि, रूस की कुछ सेना पहले ही कीव में घुस चुकी है। यह जानकारी खुद यूक्रेन के राष्ट्रपति ने दी है।

रूस के यूक्रैन में हमले के बाद बड़ी संख्या में भारत के छात्र यूक्रैन में फंस गए है। उत्तराखंड के जनपद उत्तरकाशी से मिली जानकारी के अनुसार पढ़ाई के लिए 7 छात्र वंहा फस गए है। हालांकि एक छात्रा देर रात दिल्ली पहुँच गयी है। फसे हुए छात्राओं में आशुतोष कुड़ियाल, आशीष नोटियाल, अनुभव रावत , रोहित राणा, शुभम भट्ट दो भाई बहन विनायक थपलियाल,अस्मिता थपलियाल है।  सभी छात्रों के परिजन अपने बच्चो को लेेेकर चिंतित और परेशान है और मोदी सरकार से उम्मीद लगाए बैठेे हैं कि सरकार जल्द से जल्द उचित कदम उठाएगी ।

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