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डीएम के निर्देश पर पहुंची मौके पर पहुंची तीन-सदस्यीय जांच टीम,मचा हड़कंप।।

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पनोथ जल जीवन मिशन योजना गोल माल का आरोप, बर्षाती नाले से जोड़ दी ढेड़ करोड़ की योजना।।

डीएम के निर्देश पर पहुंची मौके पर पहुंची तीन-सदस्यीय जांच टीम,मचा हड़कंप।।

उत्तरकाशी 30, मई।

पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन में भारी गोल माल की शीकायतें आ रही है।
ताज़ा मामला डुंडा ब्लॉक के ग्राम पनोथ पेयजल योजना का जो एक करोड़ 69 लाख की लागत से फेस वन फेस और टू योजना है। आरोप है कि ठेकेदार ने कार्यदाई संस्था की मिली भगत से भारी गोल माल किया है। बुधवार को डीएम के निर्देश पर तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग की तीन सदस्यीय जांच टीम मौके पर पहुंची तो कार्यदाय संस्था और ठेकेदार में हड़कंप मच गया।
उल्लेखनीय है कि पनोथ पेयजल योजना में लंबे समय से विवादों में है। गांव के कुछ लोगों ने शुरुआत में ही गोल माल का आरोप लगाया था जिस पर क्षेत्रीय पटवारी द्वारा जांच की गई थी जांच में पटवारी ने मजिस्ट्रेट जांच की आवश्यकता बताई थी।


गांव के सामाजिक कार्यकर्ता करण सिंह पंवार ने डीएम को लिखित शिकायत दी थी जिसमें डीएम ने उपजिलाधिकारी डुंडा सहित, तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। बुधवार को जांच मौके पर पहुंच कर जांच पडाताल शुरू कर दी अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट  गुल खिलाएगी ये आने वाला समय बतायेगा।
बरहाल जांच टीम के बाद ठेकेदार और कार्यदाई संस्था में हड़कंप मचा है।

बता दें कि डीएम को भेजें गये शिरकत पत्र में कहा गया कि पनोथ पेयजल योजना का मुख्य श्रोत का कार्य (पुलाखाल बुमका श्रोत नामे तोक) से लाभान्वित किया गया था। जिस पर कुछ निर्माण कार्य भी किया गया है, वर्तमान में अधिशासी अभियन्ता उत्तराखण्ड पेयजल निगम उत्तरकाशी द्वारा उक्त स्थान से हटाकर पैंथर खिलाखाल नामे तोक बर्षाती वाले पानी के नाले से लाभान्वित किया जा रहा है जबकि उक्त बर्षाती नाले का पानी मात्र सात माह के लगभग रहता है तथा पैंथर के परिवारों के द्वारा महिला प्रसव के दौरान उक्त स्थल पर कपड़े धुले जाते तथा मृत्तक पशु को भी उक्त नाले में डाले जाते हैं, जबकि (पुलाखाल बुमका श्रोत नामे तोक) वाले तोक का पानी 12वीं महिने रहता है।
शिकायत कर्ता ने जांच टीम को अवगत कराया कि फेस 1 , फेस 2 जिसमें 50 परिवार पानी से आज भी वंचित है । इधर जांच टीम ने घर-घर जाकर प्रत्येक परिवार से जानकारी ली है वहीं बोर्ड में डेट ऑफ स्टार्ट और काम खत्म बोर्ड लगा दिया परंतु उसके बाद ग्रामसभा की खुली बैठक हो रही है की योजना को चेंज कर दो लिफ्ट न बनाकर पाइपलाइन डाल दो जिस तारीख में बैठाक हुई है ।

ठेकेदारों और कार्यदाई संस्थाओं के लिए जल जीवन मिशन योजना बनी दुधारू गाय ।।

उत्तरकाशी। जल जीवन मिशन योजना अधिकारियों और ठेकेदारों की कमाई का जरिया बनकर रह गया है। आलम यहां है कि कई घरों में पानी का कनेक्शन दे दिया गया, लेकिन पानी नहीं मिल रहा है। भीषण गर्मी में नदी ,तालाब जल स्रोत सूख गए हैं। वहीं जिले में गिरते जलस्तर के कारण पानी गहराई में समाती जा रही है। जल जीवन मिशन योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार गांव-गांव में नल और जल का कनेक्शन देने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रही है। लेकिन विभाग के कुछ अधिकारी और ठेकेदार के कारण लोग इसके लाभ से वंचित है। ग्रामीण जल जीवन मिशन योजना की शिकायत करने डीएम दफ्तर पहुंचे रहें हैं।

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