सीडीओ ने की टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा, टीबी उन्मूलन हेतु सघन अभियान चलाने के दिए निर्देश

Barsali Times Desl
4 Min Read

टीबी का उपचार संभव, मरीज को निःशुल्क इलाज, पोषण किट के साथ प्रोत्साहन राशि भी

कोई भी व्यक्ति, संस्था या संगठन स्वेच्छा से बन सकता है निक्षय मित्र- सीडीओ

टीबी का उपचार और टीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सीडीओ ने टीबी चैंपियनों को किया सम्मानित

देहरादून। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में जिला टीबी फोरम की बैठक हुई। जिसमें सामुदायिक सहभागिता बढाते हुए जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए ठोस योजना के तहत कार्य करने के निर्देश दिए गए।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। कोई भी व्यक्ति, संस्था या संगठन स्वेच्छा से टीबी मरीजों को पोषण, दवा और आजीविका संबंधी सहायता प्रदान करने के लिए निक्षय मित्र बन सकता है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि इसका व्यापक प्रचार प्रसार करें। जनपद में संचालित सभी प्राइवेट अस्पताल एवं निजी संस्थाओं को भी इसमें शामिल कर सहयोग लिया जाए। जिले में अधिक से अधिक निक्षय मित्र बनाते हुए जल्द से जल्द पूरे जिले को टीबी मुक्त बनाया जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को भी कम से कम एक टीबी मरीज को गोद लेने के निर्देश दिए। सीडीओ ने कहा कि वे स्वयं भी किसी टीबी मरीज को गोद लेकर आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे। बैठक के दौरान सीडीओ ने टीबी का सफल उपचार कराने और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करने पर टीबी चैंपियन कविता, कल्पना, मीनाक्षी, नेहा तथा आयुष ममगाई को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया।

जिला क्षय रोग अधिकारी ने टीबी उन्मूलन के लिए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि मरीजों को टीबी निदान के लिए मुफ्त इलाज एवं पोषण दिया जाता है। निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी के उपचार के दौरान मरीजों को प्रतिमाह 01 हजार रुपये और उपचार पूरा होने पर 5 हजार की धनराशि दी जाती है। बताया कि देहरादून में 5160 टीबी मरीजों के उपचार का लक्ष्य के सापेक्ष 6408 टीबी मरीजों का उपचार किया गया है। टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में 3.86 लाख जनसंख्या को वनरेबल श्रेणी में चिन्हित किया गया है। जिले में अभी 1764 निक्षय मित्र बने है। जिले के 401 पंचायतों में से 184 को टीबी मुक्त कर लिया गया है।

सीएमओ ने बताया कि जिले को टीबी मुक्त करने के उद्देश्य से जिला टीबी फोरम का गठन किया गया है। जिसमें जिला क्षय रोग अधिकारी, स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, एडवोकेट समेत अन्य लोग शामिल है। उन्होंने बताया कि जिले में सरकारी और निजी अस्पतालों में 190 से अधिक अल्ट्रासाउंड सेंटर है, लेकिन अभी तक केवल 14 निजी संस्थानों से ही टीबी उन्मूलन की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने सभी निजी अस्पतालों एवं संस्थानों को टीबी की जांच संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 मनोज कुमार शर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डा0 एमके वर्मा, प्रोसेस मैनेजर साकेत वासुदेव, एमआरडी मनजीत सिंह, इम्पेक्ट इंडिया टीबी चैंपियन नेहा, मनीष प्रजापति, मीनाक्षी, कल्पना, आयुष, कविता सहित ओएनजीसी, मैक्स, सिनर्जी एवं अन्य संस्थानों के चिकित्सा अधिकारी मौजूद थे।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *