उत्तरकाशी। जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऑडिटोरियम हॉल में मंगलवार को डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ उत्तरकाशी के तत्वावधान में भारत रत्न डॉ. एम. विश्वेश्वरैया की जयंती एवं अभियंता दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने डॉ. विश्वेश्वरैया के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और जनपद के सभी अभियंताओं को अभियंता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में अभियंताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सड़कों, भवनों, पेयजल, विद्युत व्यवस्था और जल संसाधन परियोजनाओं के निर्माण में उनके तकनीकी योगदान की सराहना की।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि बदलती परिस्थितियों और नई चुनौतियों से निपटने के लिए अभियंताओं को नवाचार एवं रचनात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने युवा अभियंताओं से पारंपरिक कार्यशैली से आगे बढ़कर नई तकनीकों और आधुनिक विचारों का उपयोग समाज के हित में करने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट ने डॉ. विश्वेश्वरैया के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन और कार्य देश के अभियंताओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि अभियंता दिवस विज्ञान, तकनीक, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में अभियंताओं की भूमिका को सम्मान देने का अवसर है। वर्तमान समय में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी अभियंताओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
इस अवसर पर लोनिवि के अधिशासी अभियंता डीसी नौटियाल, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सचिन सिंघल, आरडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार, दीवान सिंह सरियाल सहित सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता मौजूद रहे।








