उत्तराखंड में भाजपा से तीन सीटें चाहती है आरपीआई (आठवले), सहमति नहीं बनी तो 25 सीटों पर उतारेगी प्रत्याशी

Barsali Times Desl
4 Min Read
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की कवायद तेज, प्रदेश अध्यक्ष सेठपाल सिंह ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को सौंपा मांगपत्र

देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में केंद्र की एनडीए सरकार में सहयोगी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) ने उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी से तीन विधानसभा सीटों पर गठबंधन की मांग की है। पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बनती है तो वह प्रदेश की 20 से 25 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर सकती है।

आरपीआई (आठवले) की उत्तराखंड इकाई के प्रदेश अध्यक्ष सेठपाल सिंह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय राज्य मंत्री एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन के तहत तीन सीटें दिए जाने की मांग को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को मांगपत्र सौंपा।

भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखी मांग

मुलाकात के बाद सेठपाल सिंह ने बताया कि उत्तराखंड में भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर पार्टी अपनी मांग केंद्रीय नेतृत्व के सामने रख चुकी है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस विषय को आगे बढ़ाने का आश्वासन मिला है। उनके अनुसार, सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा नेतृत्व की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी चर्चा हो सकती है।

आरपीआई (आठवले) की ओर से तीन सीटों की मांग ऐसे समय में उठाई गई है, जब विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दल अपने संगठन और चुनावी संभावनाओं को मजबूत करने में जुटने लगे हैं। इस मांग को उत्तराखंड में संभावित गठबंधन की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

सहमति नहीं बनी तो 20 से 25 सीटों पर चुनाव

आरपीआई (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले पहले ही संकेत दे चुके हैं कि भाजपा के साथ सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बनने की स्थिति में उनकी पार्टी उत्तराखंड की 20 से 25 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। इससे साफ है कि पार्टी गठबंधन के विकल्प के साथ स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की संभावना भी खुली रखना चाहती है।

हालांकि, भाजपा की ओर से तीन सीटों की मांग पर अंतिम निर्णय सामने आना बाकी है। ऐसे में दोनों दलों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है और सीटों के बंटवारे पर सहमति बनती है या नहीं, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।

चुनाव से पहले गठबंधन के समीकरणों पर नजर

उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आरपीआई (आठवले) की इस पहल ने गठबंधन को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि भाजपा सहयोगी दल की मांग को कितना महत्व देती है और दोनों पार्टियां किसी साझा चुनावी रणनीति पर पहुंच पाती हैं या नहीं। फिलहाल, तीन सीटों की मांग और 20 से 25 सीटों पर चुनाव लड़ने के संकेतों ने प्रदेश के आगामी चुनावी समीकरणों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *