20 करोड़ के क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण पर सवाल

Barsali Times Desl
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20 करोड़ के क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण पर सवाल ,,
आपदा संवेदनशील उत्तरकाशी में गुणवत्ता से समझौते का आरोप, स्थानीय लोगों ने मांगी उच्चस्तरीय तकनीकी जांच,,

उत्तरकाशी। जिला चिकित्सालय परिसर में करीब 20 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक की निर्माण गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। तीन मंजिला निर्माणाधीन भवन में इस्तेमाल की जा रही ईंट और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर लोगों ने नाराजगी जताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्तरकाशी भूकंप, भूस्खलन और अतिवृष्टि की दृष्टि से बेहद संवेदनशील जनपद है। ऐसे में अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण और जीवनरक्षक सुविधा के भवन निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता भविष्य में गंभीर चिंता का कारण बन सकता है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार होने वाला यह भवन आने वाले समय में गंभीर मरीजों के उपचार का प्रमुख केंद्र होगा, इसलिए इसकी मजबूती और निर्माण गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।


स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही ईंटों की गुणवत्ता को लेकर सवाल हैं। उनका यह भी आरोप है कि निर्माण के दौरान सामने आने वाली कमियों को प्लास्टर के माध्यम से छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की तकनीकी स्तर पर जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय निवासी सुरेश कुमार ने जिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेते हुए निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर ब्लॉक की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच समय रहते होनी चाहिए, ताकि भवन तैयार होने के बाद किसी तरह की समस्या सामने न आए।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की जल्द जांच कर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन और धरना देने को मजबूर होंगे।
सुरेश कुमार, स्थानीय निवासी ने कहा कि उत्तरकाशी आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील जनपद है। इतनी बड़ी बिल्डिंग के निर्माण में गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय ईंटों के इस्तेमाल और प्लास्टर के जरिए कमियां छिपाने के आरोप हैं। ऐसे में पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी बड़े नुकसान की आशंका न रहे।

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