पिछले साल डिजिटल प्रसारण के जरिए 82 लाख लोगों तक पहुंची रामलीला, इस बार एक करोड़ दर्शकों तक पहुंचने का लक्ष्य
भटवाड़ी/देहरादून। रविंद्र सिंह रावत
उत्तरकाशी जिले के सीमांत विकासखंड भटवाड़ी के छोटे से मंच से शुरू हुआ अनिल नौटियाल का रंगमंचीय सफर आज देहरादून में बड़े स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। राम के किरदार में अपनी अभिनय प्रतिभा से दर्शकों का दिल जीतने वाले अनिल नौटियाल ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपराओं को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्ष 2025 में देहरादून में आयोजित रामलीला के डिजिटल प्रसारण को लगभग 82 लाख लोगों ने देखा था। इस उपलब्धि से उत्साहित आयोजकों को इस वर्ष एक करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुंचने की उम्मीद है।
स्थानीय मंच से शुरू हुई यह यात्रा अब पारंपरिक रंगमंच से आगे बढ़कर डिजिटल माध्यमों तक पहुंच गई है। अनिल नौटियाल के अभिनय और रामलीला के प्रति समर्पण ने क्षेत्र की प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाई है। सीमांत क्षेत्र से निकलकर बड़े मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करना स्थानीय लोगों के लिए भी गर्व का विषय बना हुआ है।
8 से 25 अक्टूबर तक रामलीला महोत्सव
श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी, 1952, देहरादून (पंजीकृत) की ओर से भव्य रामलीला महोत्सव-2026 का आयोजन 8 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक किया जा रहा है। देहरादून के रेसकोर्स स्थित श्री गुरु नानक ग्राउंड में आयोजित इस महोत्सव में रामलीला मंचन के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेला भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
आयोजन के तहत 8 अक्टूबर से प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रामलीला मेले का आयोजन किया जा रहा है। वहीं, 9 अक्टूबर को सुबह 10 बजे भव्य कलश यात्रा निकाली गई। प्रतिदिन शाम 6 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रविवार, 11 अक्टूबर को रात 8 बजे से भव्य रामलीला मंचन का शुभारंभ निर्धारित है।
दशहरा पर होगा रावण वध, 21 अक्टूबर को राजतिलक
रामलीला महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में 20 अक्टूबर को शाम 5 बजे होने वाला रावण वध कार्यक्रम शामिल है। इसके अगले दिन 21 अक्टूबर को शाम 5 बजे राजतिलक समारोह आयोजित किया जाएगा। दर्शकों के लिए लेजर शो और लाइट एंड साउंड शो की भी विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे आयोजन को और आकर्षक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस बार एक करोड़ दर्शकों तक पहुंचने की उम्मीद
पिछले वर्ष डिजिटल प्रसारण के माध्यम से लगभग 82 लाख लोगों तक रामलीला पहुंचने के बाद इस बार आयोजकों ने एक करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए रामलीला का प्रसारण होने से उत्तराखंड के बाहर रहने वाले लोग भी इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन से जुड़ पा रहे हैं।
भटवाड़ी जैसे सीमांत क्षेत्र से शुरू होकर देहरादून के बड़े मंच और डिजिटल माध्यम तक पहुंचा अनिल नौटियाल का सफर इस बात का उदाहरण है कि स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर मिलने पर वे अपनी कला को व्यापक पहचान दिला सकती हैं। राम के किरदार के माध्यम से अनिल नौटियाल की पहचान और रामलीला के डिजिटल प्रसारण की बढ़ती पहुंच ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई दिशा दी है। अब दर्शकों और आयोजकों की निगाहें इस वर्ष के महोत्सव पर टिकी हैं।








