उत्तरकाशी। बाड़ागड्डी क्षेत्र के मुस्टिकसौड़ में क्षेत्राधिपति श्री हरि महाराज जी के पावन सानिध्य में आयोजित पौराणिक दूधगाड़ू ‘फुलोई थौलू’ मेले में श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ पड़ी। मेले में पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने भी प्रतिभाग कर क्षेत्र की लोक आस्था और सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
इस दौरान पूर्व विधायक ने श्री हरि महाराज जी, हुणेश्वर भगवान, नागराजा देवता एवं माता खंडद्वारी के दर्शन कर क्षेत्र और जनपदवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं लोककल्याण की मंगलकामना की।
मेले में भगवान का दिव्य दुग्धाभिषेक और उच्च हिमालयी क्षेत्रों से श्रद्धापूर्वक लाए गए देव पुष्पों से विशेष पूजा-अर्चना आकर्षण का केंद्र रही। सदियों से चली आ रही यह परंपरा उत्तराखंड की लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक विरासत की अनूठी पहचान मानी जाती है।

नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ रही पौराणिक परंपराएं
विजयपाल सजवाण ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान केवल हिमालय और प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की जीवंत लोक परंपराएं और देवी-देवताओं के प्रति अटूट आस्था भी इसकी विशिष्ट पहचान हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी ऐतिहासिक एवं पौराणिक परंपराओं का संरक्षण और संवर्धन समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने श्री हरि महाराज जी से क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। मेले में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और श्रद्धालु मौजूद रहे।



