सस्ते सामान और आकर्षक गिफ्ट का लालच देकर लोगों को बना रहे निशाना, एसटीएफ ने जारी की साइबर सुरक्षा की सलाह
दीपावली के त्योहार पर खरीदारी की बढ़ती रौनक के बीच साइबर अपराधियों ने भी लोगों को ठगने के नए तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। ‘दीवाली धमाका सेल’, बंपर डिस्काउंट और आकर्षक गिफ्ट के नाम पर भेजे जा रहे फर्जी संदेश लोगों की मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकते हैं। साइबर ठग सोशल मीडिया और मोबाइल पर लुभावने ऑफर भेजकर लोगों को फर्जी वेबसाइट और लिंक तक पहुंचाते हैं। इसके बाद खरीदारी के नाम पर ऑनलाइन भुगतान कराया जाता है या बैंक खाते, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारियां हासिल करने की कोशिश की जाती है।
त्योहारी सीजन में सस्ते सामान और भारी छूट की चाह में लोग कई बार बिना जांच-पड़ताल किए अनजान लिंक पर क्लिक कर देते हैं। साइबर अपराधी इसी जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। फर्जी वेबसाइट पर भुगतान करने या निजी बैंकिंग जानकारी साझा करने से खाते में जमा रकम खतरे में पड़ सकती है। ऐसे मामलों को देखते हुए साइबर पुलिस ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर भी बना रहे दबाव
ऑनलाइन खरीदारी के फर्जी ऑफर के साथ ही साइबर अपराधी डिजिटल अरेस्ट के नाम पर भी लोगों को डराकर ठगी कर रहे हैं। ठग खुद को पुलिस, सीबीआई या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं। किसी पार्सल में प्रतिबंधित सामान मिलने या आपराधिक गतिविधि में शामिल होने का आरोप लगाकर गिरफ्तारी का भय दिखाया जाता है। इसके बाद मामले को खत्म करने या गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर रुपये की मांग की जाती है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने स्पष्ट किया कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। कोई भी सरकारी अधिकारी वीडियो कॉल के माध्यम से गिरफ्तारी नहीं करता और न ही गिरफ्तारी से बचाने के लिए पैसे मांगता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि दीपावली धमाका सेल या अन्य आकर्षक ऑफर के नाम पर आने वाले अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी संदिग्ध वेबसाइट पर अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
साइबर ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- दीपावली धमाका सेल और भारी छूट के नाम पर आने वाले अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- ऑनलाइन खरीदारी के लिए केवल आधिकारिक और विश्वसनीय वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें।
- असामान्य रूप से अधिक छूट या मुफ्त गिफ्ट देने वाले ऑफर की पहले पुष्टि करें।
- किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंकिंग पासवर्ड या कार्ड संबंधी जानकारी साझा न करें।
- डिजिटल अरेस्ट की धमकी मिलने पर घबराएं नहीं। कॉल काटकर संबंधित विभाग से आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करें।
- साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि त्योहार के दौरान ऑनलाइन खरीदारी करते समय सतर्क रहें और किसी भी लालच या डर में आकर जल्दबाजी में आर्थिक लेनदेन न करें।








