दून अस्पताल के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नंदन सिंह बिष्ट ने दिया इस्तीफा, स्वास्थ्य महकमे में चर्चाओं का दौर तेज

Barsali Times Desl
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देहरादून।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के उप चिकित्सा अधीक्षक (डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के फिजिशियन डॉ. नंदन सिंह बिष्ट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

जानकारी के अनुसार, डॉ. नंदन सिंह बिष्ट ने चार दिन पहले अपना त्यागपत्र भेजा था। दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. गीता जैन ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उनका इस्तीफा प्राप्त होने के बाद स्वीकार कर लिया गया है। आधिकारिक तौर पर डॉ. बिष्ट ने अपने त्यागपत्र में निजी कारणों का उल्लेख किया है।

हालांकि, अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों का मानना है कि मामला केवल निजी कारणों तक सीमित नहीं हो सकता। पिछले कुछ समय से दून अस्पताल में आयुष्मान योजना से जुड़े मामलों और हाल ही में सामने आए मैस (Mess) संबंधी अनियमितताओं को लेकर जांच और प्रशासनिक चर्चाएं चल रही थीं। ऐसे में डॉ. बिष्ट के इस्तीफे को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

फिलहाल किसी भी अधिकारी की ओर से इन मामलों और इस्तीफे के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं की गई है। वहीं अस्पताल प्रशासन ने भी इस विषय पर कोई अतिरिक्त टिप्पणी करने से परहेज किया है।

सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में पिछले कुछ समय से विभिन्न स्तरों पर प्रशासनिक खींचतान और समन्वय की चुनौतियां भी सामने आ रही थीं। ऐसे में डॉ. बिष्ट के अचानक इस्तीफे को इसी परिप्रेक्ष्य में भी देखा जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और न ही डॉ. बिष्ट ने सार्वजनिक रूप से इस्तीफे के कारणों पर विस्तृत जानकारी दी है।

गौरतलब है कि दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल उत्तराखंड का सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के इस्तीफे ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और आंतरिक व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी के प्रमुख अस्पताल में प्रशासनिक स्तर पर बेहतर समन्वय और पारदर्शिता सुनिश्चित करना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के लिए बेहद आवश्यक है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस पद पर नई नियुक्ति और अस्पताल प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

फिलहाल आधिकारिक तौर पर डॉ. नंदन सिंह बिष्ट के इस्तीफे का कारण निजी बताया गया है। जांच या अन्य प्रशासनिक मामलों से उनके इस्तीफे का कोई संबंध होने की पुष्टि संबंधित विभागों द्वारा नहीं की गई है।

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