नंदा देवी बड़ी जात यात्रा के दौरान दो गांवों के ग्रामीणों में विवाद, मारपीट की सूचना

Barsali Times Desl
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सुतोल-कनोल के बीच पुराने सीमा विवाद को लेकर तकरार की बात, कुछ लोगों के घायल होने की सूचना; दुर्गम क्षेत्र में पहुंचाया जा रहा अतिरिक्त पुलिस बल

चमोली: हिमालयी महाकुंभ कही जाने वाली नंदा देवी बड़ी जात यात्रा के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्र के पातर नचौणिया और कैलुवा विनायक के बीच ग्रामीणों के दो पक्षों में विवाद और मारपीट की सूचना सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मामला नंदानगर क्षेत्र के सुतोल और कनोल गांवों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना में कुछ लोगों के घायल होने की भी सूचना है।

घटना स्थल बेहद दुर्गम और निर्जन क्षेत्र में होने के साथ वहां मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होने के कारण फिलहाल पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। बताया गया है कि घायल लोगों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। इसी बीच घटना से संबंधित कुछ पोस्ट सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हो रही हैं।

नंदानगर से भेजा जा रहा अतिरिक्त पुलिस बल

चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार, दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना पुलिस को मिली है। बड़ी जात यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पहले से पुलिसकर्मी तैनात हैं। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल नंदानगर से सुतोल की ओर भेजा जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक सूचना में विवाद के पीछे सुतोल और कनोल गांवों के बीच पहले से चले आ रहे सीमा विवाद की बात सामने आई है। हालांकि, घटनास्थल की भौगोलिक परिस्थितियों और संचार सुविधा के अभाव में फिलहाल घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाना चुनौतीपूर्ण है।

यात्रा के बाद सामने आएगी पूरी स्थिति

पुलिस और प्रशासन की ओर से मौके की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यात्रा के बाद श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के नंदानगर क्षेत्र में लौटने पर घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी मिल सकेगी। इसके बाद विवाद की वास्तविक वजह, घायलों की संख्या और मारपीट से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि की जाएगी।

बता दें कि बड़ी जात यात्रा में वाण गांव से आगे के कई पड़ाव बेहद दुर्गम और निर्जन क्षेत्रों में पड़ते हैं। पातर नचौणिया और कैलुवा विनायक भी यात्रा मार्ग के ऐसे ही उच्च हिमालयी पड़ावों में शामिल हैं, जहां संचार और आवागमन की सुविधाएं सीमित रहती हैं।

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