देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडे को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सोशल मीडिया पर उनके नाम से वायरल एक कथित पत्र ने सियासी हलचल बढ़ा दी, जिसमें पार्टी के भीतर नाराजगी और उत्पीड़न जैसे आरोप लगाए गए थे।
इस मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब गणेश गोदियाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पत्र को सार्वजनिक करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और संगठन पर कई सवाल खड़े किए।
हालांकि, पूरे विवाद पर अब खुद अरविंद पांडे सामने आए हैं। देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनके नाम से वायरल हो रहा पत्र पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। उन्होंने इसे विपक्ष की साजिश करार देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचाना है।
पांडे ने स्पष्ट किया कि उनका पार्टी नेतृत्व के साथ कोई मतभेद नहीं है और संगठन में उन्हें पूरा सम्मान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के फर्जी दस्तावेजों के जरिए जनता को गुमराह करने की कोशिश लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।
इस घटनाक्रम के बाद भाजपा ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर अब भी आक्रामक रुख अपनाए हुए है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।



