ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को 166 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात।

Barsali Times Desl
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उत्तराखंड राज्य के 23वें स्थापना दिवस पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को 166 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन किया और इसके बाद 166 करोड़ 84 लाख की 50 विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

 

कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण में अपना योगदान देने वाले सभी शहीदों एवं राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। इसके बाद सीएम ने टैक्सी स्टैंड गैरसैंण से गढ़वाल मंडल विकास निगम तक इंटरलॉकिंग टाइल्स से मार्ग का निर्माण, पर्यटन विकास मेला मेहलचौरी एवं कृषि उद्यान एवं पर्यटन विकास मेला गैरसैंण के लिए 2-2 लाख की धनराशि देने की घोषणा की।

 

सीएम ने प्रत्येक महिला समूह को पांच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की सौगात दी। इस मौके पर कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी, डीएम हिमांशु खुराना, एसपी प्रमेंद्र डोबाल, सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक सैनी, एसडीएम संतोष पांडेे, एसडीएम कमलेश मेहता, भाजपा के जिला व ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारी व कार्यकर्ता व क्षेत्रीय जनता मौजूद रहे।

 

 

गोल मथकोट मोटर मार्ग स्टेज टू कार्य, देवलधार-कलचुना मार्ग स्टेज टू कार्य, स्यूंणी तल्ली में स्टील गार्डर पुल, कोलानी व छिमटा मार्ग स्टेज 1 का कार्य, नारायण बगड़ चोपता मार्ग, थराली कुराड़ मार्ग, थराली से घाटडुंग्री मार्ग अपग्रेडेशन, रैंस से भटियाणा स्टेज टू कार्य, हाटकल्याणी से सवाड़ मार्ग अपग्रेडेशन, खेती से तोरती स्टेज  जिला चिकित्सालय में तीमारदारों के लिए भवन, करछून उपकेंद्र का भवन, बदरीनाथ धाम में कुकिंग गैस एजेंसी का निर्माण।जिनकी लागत 117.36 करोड़ है।

 

– बुंगीधार मेहलचौरी से बछुवाबांण मार्ग (42किमी) देवपुरी तक स्टेज 2, लंगासू से मैखुरा मार्ग स्टेज 2, छुरागाड़ से सुतोल कनोल मार्ग स्टेज 2, खाल बजेठा पेयजल योजना, कांसुवा पेयजल योजना का पुनर्गठन, गोल पेयजल योजना पुनर्गठन, वांण पेयजल योजना, ब्लॉक थराली में रेंज कार्यालय का निर्माण, बेनीताल को एस्ट्रोविलेज  बनाना, जीआईसी मुंदोली और बैरसकुंड में लैब का निर्माण, जीआईसी देवलधार में 7 कक्षा-कक्षों का निर्माण, जीआईसी ईराणी के मुख्य भवन का निर्माण, बालिका जीआईसी गोपेावर में दो कक्षा-कक्षों व भूस्खलन ट्रीटमेंट, जीआईसी गैरसैंण में दो मार्डन आदर्श लैब, जीआईसी गोदली में चार कक्षा-कक्ष निर्माण, जीआईसी लाटूगैर में अधूरे भवन का निर्माण, गोविंदघाट में बाढ़ सुरक्षा कार्य।

 

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