डुंडा ब्लॉक में आयोजि0त माँ रेणुका मेले संवेदना समूह के कलाकरो ने स्थानीय लोगो दिखाई अपनी पौराणिक संस्कृति

Barsali Times Desk
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उत्तरकाशी डुंडा ब्लाक में आयाजित माँ रेणुका मेले में में चौथे दिन सम्वेदना समूह के कलाकरो द्वारा अपनी शानदार प्रस्तुति से सभी दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया । सम्वेदना समूह के कलाकरो द्वारा गंगा घाटी से लेकर यमुनाघाटी की संस्कृति से स्थानीय लोगो को रूबरू करवाया। साथ ही आपने उत्तराखंड के पौराणिक पहाड़ी गाने जैसे लोकगीत छोड़े पावड़े भी गाए। जिसको लेकर स्थानीय लोगों ने संवेदना समूह के कलाकारों को अपना आशीर्वचन देने के लिए भीड़ लग गई क्योंकि शब्द ना समूह विगत 10 सालों से अपनी संस्कृति बचाने के लिए कार्यरत है और आज यह देखने में लगा कि इस तरह संस्कृति को बढ़ावा देने में संवेदना समूह कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है मेले में आई सभी लोग बोल रहे थे की इस तरह की प्रस्तुति आज हमारे समाज को जगाने का काम कर रही है मेला अध्यक्ष राजदीप परमार ने बताया कि जो छुपी हुई संस्कृत से उनको आज संवेदना समूह उजागर कर रहा है संवेदन समूह के लोक गायक और जाने-माने और कलाकार संजय पवार ने अपने छोड़ें और पवाडो से सभी लोगों को अपनी ओर इस तरह आकर्षित किया कि लोग उन पर इतना फिदा हो गए कि धन वर्षा से लेकर आशीर्वाद देने सभी सभी लोग इस मेले में आए थे लेकिन वह बोल रहे हैं इस तरह का गायन और हमारे पुराने संस्कृत को लेकर जो यह काम कर रहे हैं वह हमेशा अमर रहेगा इसके बाद संवेदन समूह कलाकारों ने अपनी प्रतिभा दिखा कर सभी लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया है समूह के गायक संजय पंवार एवं आराधना कुड़ियाल ने धुयाल, चैती गीता , गंगा घाटी का लोकगीत नरु बिजोला, गंगा मा तमि मा , यू फुला के सोभालु , यमुनाघाटी लोकगीत में , मेरी देवा अरज सुनाया, कोंदा की बतिरा सेरिया साथ ही अंकित पवार ने बद्री केदार हरि कु हरिद्वार गाने की प्रस्तुति दी इस मोके पर अध्यक्ष जेपी राणा, अजय नोटियाल , राहुल भारती, प्रदीप बिष्ट, देवराज नितिन, सुधा, दीप्प्ति, सन्तोषी , निकिता शिव रतन रावत, उत्तम रावत आदि मोजूद थे

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